Delhi violent crimes who is responsible...?
दिल्ली का गुनाहगार कौन..?
Dear friends last day u have all see in India capital delhi suffering from violent crimes many people like fifty persons are dead and over the five hundred are injured.
Who is responsible for it delhi government or central government or delhi police or intelligence agencies both are fail continue three days delhi are burning but no any body take the responsibility its to much in india.
The modi government should take responsibility and take the action but the government are busy in mr.trump .
Freand its pre pland violent crimes against humanity if u have go this time delhi so u can feeling like Syria.
Now we are praying for ALL AGE GROUPS menbars plz STOP it.
दिल्ली माग रही अब न्याय।
नमस्कार दोस्तो आप सभी को मालूम होगा की दिल्ली मे क्या हुआ अगर नही तो आप को बताता हू की पिछले दिनो लगातार दिल्ली को दो दिनो तक जालाया गया आप हिंसा का अन्दाजा इस बात से भी लगा सकते हो की करीब पचास से ज्यादा मौत के मुह मे गये और करीब पांच सौ घायल है अब बात आती है दोस्तो की ये कौन लोग थे जिन्हे पोलीस का जरा भी डर नही बल्कि इन लोगो ने तो बीस से ज्यादा पोलीस को ही मार दिया दोस्तो जीस तरह से इस घटना को अंजाम दिया गया है ये एक दिन का प्लान नही है ये काफी दिनो से तैयार किया जा रहा था तो फिर पोलीस और एजेन्सियो को क्यु नही पता चला दोस्तो आप जानिए की दिल्ली को एक वार फिर चौरासी के दंगो जैसा ही हाल किया गया देश की राजधानी मे जमकर खून की होली खेली गयी और किसी ने कुछ नही कहा दोस्तो उस दंगे के लिये अगर कोई दोशी है तो वो है दिल्ली की पोलीस जिसने पता नही क्यु इस दंगे को रोका ही नही और तो और यहा की सरकार भी मुक दर्सक ही बनी रही दोस्तो दंगे तो बीत जाते है पर इसका दर्द वही जनता है जो कोई अपना खोता है आज दिल्ली अपने हाल पर रो रही है क्या ये भारत आगे जा रहा है हम किस दुनिया मे जी रहे है क्या एसे देश का विकाश होगा।
एक नजर मे ये दंगा हुआ नही करवाया गया है।
मै एक बार फिर अपने सभी भाईयो से निवेदन करता हू की आप लोग किसी की बातो मे ना आये ये देश को तोडने और जलाने की एक चाल है।
दोस्तो ये किस किस की चाल है वक़्त के साथ पता तो चल ही जायेगा लेकिन क्या वो दर्द कभी भरेगा या वो कभी वापस आएगे जो इस दंगे की बली चड़ गये।
दोस्तो आप के क्या विचार है आप हमे जरुर लिखे।
धन्यवाद आपका स्वागत है।
कुमार शैलेंद्र।
Thanks to ALL of you who sporting me.
Thanks & regards,
Kumar shailendra.
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